Tuesday, October 25, 2016

पाकिस्तान के क्वेटा में पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी पर आतंकी हमला, 60 लोगों की मौत



कराची: पाकिस्तान के अशांत क्वेटा शहर में एक पुलिस प्रशिक्षण अकादमी पर बीती रात को हुए आतंकवादी हमले में 60 से अधिक कैडेट के तथा तीन आतंकवादियों की मौत हो गई और 118 अन्य घायल हो गए। यह पाकिस्तान में इस वर्ष हुए सर्वाधिक भीषण हमलों में से एक हमला है।
आतंकवादियों ने बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी में सरयाब रोड पर स्थित पुलिस प्रशिक्षण अकादमी पर बीती रात करीब 11 बजकर 10 मिनट पर हमला किया जिसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अभियान चलाकर अकादमी से सैकड़ों कैडेट को बचाया। एक सुरक्षा सूत्र ने कहा, ‘हमले में 60 से अधिक पुलिस कैडेट की मौत हो गई और करीब 115 लोग घायल हो गए।’’ बलूचिस्तान प्रांत के गृह मंत्री सरफराज बुगती ने ट्वीट किया कि 118 लोग हमले में घायल हो गए।
इससे पहले बुगती ने संवाददाताओं को बताया था कि तीन आतंकवादियों ने हमला किया था जबकि इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने इससे पहले, हमले में ‘पांच से छह आतंकवादियों’ के शामिल होने की आशंका जताई थी। बुगती ने बताया कि हमले के समय कॉलेज के छात्रावास में करीब 700 पुलिस कैडेट एवं रंगरूट थे।
फ्रंटियर कोर के महानिरीक्षक मेजर जनरल शेर अफगान ने बताया कि घिर जाने के बाद दो आतंकवादियों ने खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया जबकि एक आतंकवादी सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी में मारा गया। तीनों आतंकवादियों ने आत्मघाती जैकेट पहनी हुई थी। अफगान के अनुसार, समझा जाता है कि तीनों आतंकवादी पाकिस्तानी तालिबान के साथ संबद्ध आतंकवादी संगठन लश्कर ए झांगवी के अल अलीमी धड़े से थे। शेर अफगान ने बताया कि आतंकवादी अफगानिस्तान में अपने आकाओं के संपर्क में थे और उनसे निर्देश ले रहे थे।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने चार घंटों में कॉलेज को खाली कराया। इस बीच पुलिस ने कहा कि परिसर को खाली करा लिया गया है लेकिन तलाशी अभियान अब भी जारी है। स्थानीय मीडिया में दिखाए जा रहे फुटेज में कुछ सुरक्षा वाहनों को कॉलेज से निकलते देखा जा रहा है। बुगती ने बताया कि घायलों में ज्यादातर पुलिस कैडेट एवं सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। उन्हें क्वेटा में सैन्य अस्पताल, सिविल अस्पताल और बोलान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने कहा कि कुछ घायलों की हालत गंभीर है। आतंकवादियों ने बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों एवं राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों पर कई हमले किए हैं। बलूचिस्तान में पिछले एक दशक से भी अधिक समय से आतंकवाद एवं बढ़ती गुटीय हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं। इस हमले से एक दिन पहले मोटरसाइकिल पर सवार बलूच लिबरेशन आर्मी के अलगाववादी बंदूकधारियों ने इसी प्रांत के ग्वादर बंदरगाह के निकट जिवानी तटीय शहर में दो तटरक्षकों एवं एक नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। क्वेटा के सिविल अस्पताल में अगस्त में एक आत्मघाती बम हमले में 73 लोग मारे गए थे जिनमें अधिकतर वकील थे। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान से अलग हुए एक समूह और आईएस ने ली थी।

सऊदी अरब जाना अब हुआ और मुश्किल जानिए क्या है नई वीजा फीस !!



हालांकि वीजा फीस में किया गया यह बदलाव यूरोपीय यूनियन और अमेरिका पर लागू नहीं होगा, जबकि ब्रिटिश नागरिकों के लिए वीजा फीस में मामूली बढ़ोतरी की गई है। ज़्यादातर अन्य देशों को कहीं ज़्यादा फीस चुकानी होगी, लेकिन अब वह एक और दो साल के लिए भी वीजा का आवेदन कर सकेंगे, जिनके लिए उन्हें क्रमशः 5,000 और 8,000 रियाल चुकाने होंगे
सऊदी अरब में व्यापार के लिए जाने वाले लोगों की वीजा फीस में 7 गुणा बढ़ोतरी की है, जिसके बाद यहां पर होने वाले विदेशी निवेश पर खतरा मंडराने लगा है। अभी तक व्यापार वीजा पर सऊदी अरब 400 रियाद वसूल करता था, लेकिन अब उसने इसे बढ़ाकर 3,000 कर दिया है।

हालांकि एक वरिष्ठ सऊदी व्यापारी ने इन चिंताओं को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उनका देश जिन बिज़नेस पार्टनरों के साथ काम करने का सबसे ज़्यादा इच्छुक है, वे आसानी से इस नई फीस को बर्दाश्त कर सकते हैं।
असल में सऊर अरब ने तेल से आने वाले राजस्व में हुई भारी कमी से निपटने के लिए बढ़ी हुई वीजा फीस बढ़ाने का फैसला किया है। ब्लूमबर्ग न्यूज़ ने आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से बताया है कि पिछले पांच सालों में सऊदी अरब के तेल राजस्व में 68 फीसदी की कमी आई है।

Monday, October 24, 2016

पति की लंबी उम्र के लिए मुस्लिम महिलाओं ने भी रखा करवा चौथ का व्रत



देश भर की महिलाएं जब करवा चौथ का व्रत खोलने के लिए चांद के निकलने का इंतज़ार कर रही थीं, तो राजस्थान के चुरू में दो मुस्लिम महिलाएं भी चांद के दीदार के लिए बेसब्र थीं. अंजुमन और दीप्ति दोनों ने ही करवा चौथ का व्रत रखा था.
अंजुमन की शादी 45 दिन पूर्व जीशान से हुई है और उसने अपने पति की लंबी उम्र के लिए अपनी जेठानी के साथ ये व्रत रखा. उनका परिवार खुले विचारों का है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया से परिवार की बातचीत में पता चला कि वो लोग होली से लेकर दिवाली, मीठी ईद से बकरीद तक हर त्योहार मनाते हैं. अंजुमन और दीप्ति की सास 56 वर्षीय रेहाना रियाज़ को इस बात से बिलकुल हैरानी नहीं हुई जब उनकी बड़ी बहू दीप्ति ने हर हिन्दू त्योहार मनाने की इच्छा ज़ाहिर की. इस तरह से छोटी बहू अंजुमन भी उसकी राह पर चल दी और दोनों ने इस व्रत को साथ में किया.
रेहाना ने TOI से बताया कि ‘ये एक खुले विचारों वाली दुनिया है और हमें हर धर्म और उसकी भावनाओं का आदर करना चाहिए. मेरी बड़ी बहू, जिसकी शादी बेटे हसन से हुई है, शादी से पहले एक हिन्दू लड़की थी और उसने अपने रिवाजों का पालन करने के लिए हमसे कहा. मुझे इसके लिए उसे अनुमति देने में कोई गुरेज़ नहीं हुआ. लेकिन सबसे खास बात तो ये है कि मेरी छोटी बहू अंजुमन ने जब सुबह में दीप्ति को करवा चौथ की तैयारियां करते हुए देखा, तो उसने भी इस व्रत को ज़ाहिर की और मैंने बोला कि करो.’

रेहाना कहती हैं कि ‘सबसे अच्छी बात तो ये है कि वे दोनों मेरे बेटों की लंबी उम्र के लिए व्रत कर रही हैं और इसलिए मुझे उनका आभारी होना चाहिए.’




अंजुमन के पति जॉब के सिलसिले में बाहर हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने व्रत किया और चांद देखने के बाद वीडियो कॉल करके पति को देखकर उन्होंने व्रत खोला. अंजुमन ने कहा, ‘दीप्ति भाभी के साथ व्रत की सारी रस्में करने के बाद मैं अपने पति जीशान को वीडियो कॉल करूंगी. ये मेरा पहला करवा चौथ है और मैं इस मुबारक दिन पर व्रत करना जारी रखूंगी. ये सचमुच एक बेहतरीन त्योहार है, जब आप ऊपरवाले से अपने पति के स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करते हैं.’
इस शादी को करने के बाद दीप्ति गौरवान्वित महसूस करती है कि उन्हें अपने सारे धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने की अनुमति मिली. वो कहती हैं कि ‘ हम हर त्योहार मनाते हैं. मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे इतने खुले विचारों वाला परिवार मिला.’

शायद यही है अपना असली हिंदुस्तान, जहां सेवइयों वाली ईद भी अपनी है और पटाखों वाली दिवाली भी.

60 साल छोटी लड़की के साथ आपत्तिजनक हालत में दिखे कांग्रेसी नेताजी…


जबलपुर। सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक्स मेयर और कांग्रेस लीडर एनपी दुबे का एमएमएस वायरल होने से सियासी तूफान आ गया है। 39 सेकेंड के वीडियो में बुजुर्ग नेता अपनी नौकरानी की बेटी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं। फिलहाल मामला अभी तक पुलिस के पास नहीं पहुंचा है। वीडियो को ब्लैकमेलिंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है। 60 साल छोटी लड़की के साथ आपत्तिजनक हालत में दिखे नेताजी…
– वीडियो में ही नेताजी अपने से 60 साल कम उम्र की लड़की के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहे हैं।
– वीडियो में साफ दिख रहा है कि बुजुर्ग कांग्रेस नेता भगवा रंग की लुंगी पहने हैं और उनके शरीर के ऊपरी हिस्सा निर्वस्त्र है।
– उनके गले में रुद्राक्ष की माला और शरीर पर जनेऊ भी नजर आ रहा है। वीडियो की शुरूआत में ही नेताजी लड़की के साथ रंगरेलियां मनाते दिख रहे हैं।
– कमरे में घुसते ही कैमरामैन लड़की से पूछता है कि तू इधर क्या कर रही है, कब आई है।
– नेताजी कैमरामैन को बताते हैं कि अभी आई है। कैमरामैन फिर पूछता है कि क्या करने आई है। लड़की कहती है कि दो मिनट का काम था।
– कैमरामैन लड़की से कहता है कि तू तो कह रही थी कि कुछ काम है। फिर यह क्या कर रही है। 39 सेकेंड के इस वीडियो में बुजुर्ग नेता के चेहरे पर डर साफ झलक रहा है।
कैमरा छीनने की कोशिश
– कैमरामैन नेताजी से जैसे ही यह पूछता है कि तुम ये क्या कर रहे थे। इतना सुनते ही नेताजी कैमरा छीनने की कोशिश करते हैं।
– छीना-झपटी में वीडियो बंद हो जाता है। वीडियो बनाने वाला कोई नजदीकी है। वह नेताजी और लड़की दोनों को जानता है।
– वीडियो नेताजी के गोरखपुर स्थित घर के ऊपर बने कार्यालय का है।

फ़ौरन बंद कर दें चिकन और अंडे खाना!



ग्वालियर: गांधी प्राणी उद्यान में लगातार हो रही पक्षियों की मौत के बाद से हड़कंप मचा हुआ है।
अब तक कुल 15 पेंटेड स्टॉक पक्षियों की मौत हो चुकी है जिसमें से दो की मौत बर्ड फ़्लू से होने की पुष्टि कर दी गई है।
जिसके बाद से तीन हफ़्तों के लिए गांधी प्राणी उद्यान को बंद कर दिया गया है।
इतना ही नहीं गांधी प्राणी उद्यान की तीन किलोमीटर की परिधि में पोल्ट्री फ़ार्म और चिकन की दुकानों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है।
एक्सपर्ट्स का दल चिड़ियाघर में मौजूद पक्षियों की जांच पड़ताल कर रहा है।
इसके साथ ही ज़िला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इन दिनों में जितना हो सके चिकन और अंडे खाने से परहेज़ करें। 

भारत-पाकिस्तान जंग के आसार के बीच हुई बड़ी भविष्यवाणी, टूटकर बिखरेगा पाक!



दिल्लीः कश्मीर के उरी में सैन‌िक छावनी पर हुए आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध कि नौबत ला दी है। पिछले ढाई दशक में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से त्रस्त जम्मू-कश्मीर राज्य में यह सेना पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। आतंकी बुरहान के मारे जाने के बाद कश्मीर में आशांत‌ि के माहौल में अगस्त महीने में भारत और पाक‌िस्तान के बीच युद्ध ( War between India and Pakistan )की स्‍थ‌ित‌ि बनने की भव‌िष्यवाणी की गई थी।
क्या है यह भव‌िष्यवाणी –
वर्तमान स्‍थ‌ित‌ि को ध्यान में रखकर अगर भव‌िष्यवाणी पर नजर डालें तो आप हैरान रह जाएंगे।
  1. 15 अगस्त 1947 को आजाद हुए भारत की कुंडली पर दृष्टि डालें तो आने वाले दिनों में परिस्थ‌ित‌ियां और अधिक विकट होगीं। वृषभ लग्न की कुंडली में चंद्रमा में मंगल की विंशोत्तरी दशा 9 जुलाई 2016 से 7 फरवरी 2017 तक है। चंद्रमा भारत की कुंडली में तीसरे भाव का स्वामी होकर पड़ोसियों से सीमा पर संघर्ष क‌ी स्थित‌ि को दर्शाता है।

  1. मंगल भारत की कुंडली में सप्तम भाव यानी युद्ध स्‍थान तथा हानि स्‍थान यानी बाहरवें घर का स्वामी होकर मारक स्‍थान में बैठा हुआ है। जबक‌ि गोचर में शनि वृश्चिक राशि में स्‍थ‌ित होकर भारत की कुंडली में सप्तम भाव को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में आगामी जनवरी माह तक भारत को सीमा पर युद्ध जैसी स्‍थ‌ित‌ि का सामना करना पड़ सकता है।

  1. स्‍थ‌ित‌ियां और भी अधिक तब बिगड़ेगी जब गोचर में सूर्य तुला राशि में 17 अक्तूबर को प्रवेश कर भारत के छठे भाव को प्रभावित करेंगे। 17 अक्टूबर के बाद भारतीय सेना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्‍थ‌ित आतंकी शिविरों को निशाना बना सकती है जिसके जवाब में पाकिस्तान की ओर से भी सैन्य कार्वाई की जाएगी। भारत तथा पाकिस्तान के बीच इस वर्ष रिश्ते इतने खराब हो सकते हैं क‌ि दोनों देशो के बीच राजनयिक संबंध भी समाप्त हो सकते हैं।


  1. अब पाकिस्तान की कुंडली पर नजर डालें तो 14 अगस्त 1947 को मध्य रात्रि में आजाद हुए इस देश का जन्म लग्न मेष है। शुक्र में राहु की अशुभ विशोंत्तरी दशा में चल रहा पाकिस्तान विघटन की कगार पर खड़ा है। महादशानाथ शुक्र कुंडली में दूसरे और सातवें घर का स्वामी होकर प्रबल मारक बन रहा है। अंतर दशानाथ राहु दूसरे घर में बैठकर मारक तत्व लिए हुए है।
  1. पाकिस्तान को वर्ष 2016 और 2020 में भारत के साथ युद्धों में भारी क्षति का सामना करना पड़ेगा जिससे यह देश टूट कर बिखर सकता है। साथ ही इस वर्ष अष्टम शनि के गोचर के कारण पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन के योग भी बन रहे हैं। नवाज शरीफ सरकार का तख्तापलट हो सकता है इसकी संभावना भी प्रबल है।

अमेरिका की कड़ी चेतावनी, कहा-पाकिस्तान में घुसकर खत्म करेंगे आतंकी नेटवर्क



वाशिंगटन : अमेरिका ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि चूंकि पाकिस्तान की ताकतवर खुफिया एजेंसी आईएसआई अपने देश की धरती पर संचालित सभी आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है, ऐसे में यदि इन आतंकी नेटवर्कों को नष्ट करने के लिए अकेले कार्रवाई करने की जरूरत पड़ती है तो भी वह नहीं हिचकिचाएगा।
काउंटरिंग द फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म के कार्यवाहक अवर सचिव एडम एसजुबिन ने वाशिंगटन में श्रोताओं से कहा, ‘समस्या यह है कि पाकिस्तानी सरकार के भीतर ही - खासतौर पर पाकिस्तान की आईएसआई में- कुछ ताकतें हैं जो पाकिस्तान में सक्रिय सभी आतंकी समूहों के खिलाफ एक जैसे कदम उठाने से इनकार करती हैं। यह कछ समूहों को तो बर्दाश्त भी करता है.. यह और भी बुरा है।’ 
एडम ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘हम पाकिस्तान में अपने साझेदारों से लगातार अपील करते हैं कि वे अपने देश में संचालित आतंकी नेटवर्कों के खिलाफ कार्रवाई करें। हम उनकी मदद के लिए तैयार खड़े हैं। लेकिन इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि हम आतंकवाद के वित्तपोषण और संचालन का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करने को तो प्रतिबद्ध हैं ही, लेकिन यदि जरूरत पड़ती है तो इन नेटवर्कों को बाधित और तबाह करने के लिए अकेले कार्रवाई करने से भी हम झिझकेंगे नहीं।’
एडम ने ‘पॉल एच नीत्सशे स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज’ में कहा कि पाकिस्तान कई मामलों में आतंकवाद रोधी अभियानों में एक अहम साझेदार था और रहेगा। उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर पाकिस्तानी खुद स्कूलों, बाजारों और मस्जिदों में निर्मम आतंकी हमलों के पीड़ित रहे हैं और यह सूची लंबी है। ऐसी हिंसा के बीच में पाकिस्तान ने कुछ हद तक प्रतिक्रिया भी दी है।’ उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान को उत्तरपश्चिमी पाकिस्तान में आतंकवाद की पारंपरिक शरणस्थलियों के खिलाफ चल रहे अभियानों में सफलता हासिल हुई है। उसने आईएसआईएल को आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। यह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी के वित्त पोषण और संचालन क्षमताओं को निशाना बना रहा है।’ लेकिन आतंकी समूहों को आईएसआई की ओर से समर्थन दिए जाने की समस्या जारी है।
उन्होंने कहा, ‘इस भेद का हम समर्थन नहीं कर सकते।’ अमेरिका यह कहता रहा है कि पाकिस्तान ने आतंकियों के हक्कानी नेटवर्क को युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान में घातक हमलों की साजिश रचने से रोकने के लिए उसपर पर्याप्त दबाव नहीं बनाया है। अफगान अधिकारियों का आरोप है कि तालिबान के साथ-साथ लड़ रहे हक्कानी समूह के नेता उच्च स्तरीय हमलों के निर्देश दे रहे हैं। ये हमले खासतौर पर काबुल में करने के लिए कहा जा रहा है। ये नेता पाकिस्तानी धरती पर अपनी शरणस्थलियों में हैं और उन्हें देश की खुफिया सेवा के अधिकारियों का प्रश्रय प्राप्त है।
पाकिस्तानी अधिकारी किसी भी शरणस्थली की मौजूदगी से इनकार करते रहे हैं और कहते आए हैं कि आतंकवाद रोधी सैन्य अभियानों में सीमा पर उनकी ओर के क्षेत्र में सभी आतंकी संरचनाओं को निशाना बनाया गया है और उन्हें उखाड़कर फेंका गया है।

Sunday, October 23, 2016

ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रम्प ने हिंदू धर्म पर जो कहा उसको सुनकर भारत में सेकूलरों को बुखार आ जाएगा !



ख़बर हैं कि इस दिवाली डोनाल्ड ट्रम्प की सबसे बड़ी पुत्री इवांका ट्रम्प पूजा अर्चना करेगी। दिवाली 30 अक्टूबर को मनाई जाने वाली हैं। इवांका अमरीका के वर्जिनिया में स्थित हिन्दू मंदिर में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा अर्चना करेंगी। सनातन धर्म के बारे में इवानका के विचार भी बहुत अच्छे हैं। इवांका ने कहा है की, “मैं हिन्दू धर्म से बेहद प्रभावित हूँ तथा ये दुनिया का एक मात्र धर्म है जो मानवनिर्मित नहीं है”।
इवांका ने ये कहा की, “अमरीका एक आधुनिक देश है, जहाँ लोग मन की शांति के लिए योग, और ध्यान को करते है जो की हिन्दू संस्कृति है, हिन्दू धर्म ने दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाया है, और मैं
दीपावली पर पूजा कर शांति को प्राप्त करना चाहती हूँ”। इवांका के पिता यानि डोनाल्ड ट्रम्प अमरीका राष्ट्रपति उम्मीदवार हैं। डोनाल्ड ट्रम्प अमरीका में चुनाव ही “इस्लामिक आतंकवाद”  को दुनिया से ख़त्म करने के लिए लड़ रहे हैं। 15 अक्टूबर को डानल्ड ट्रम्प न्यू जर्सी में कह चुके हैं आइ लव हिंदूज ।
अमरीका जैसे देश में खरबपति लोग भी शांति के लिए हिन्दू धर्म और पूजा अर्चना का सहारा लेते है और एक हमारे देश में सेक्युलर तथा वामपंथी तत्व हमेशा हिन्दू धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश करते रहते हैं। दुनिया के कोने कोने में हिंदू धर्म की नीतियाँ अपनायी जा रही हैं। सभी हिंदू धर्म के दीवाने हो रहे हैं फिर चाहे वो जापान हो या अमेरिका हो।

लड़कियों से पुछा गया कि क्या वो राहुल गाँधी से शादी करेंगी. ये मिले जवाब.


हमारे प्यारे पप्पू यानि के राहुल गाँधी, जिन्हें की देश का’ Most Eligible Bachelor’ कहा जाता है! जब मुंबई में कुछ लड़कियों से पूछा कि क्या वो कांग्रेस के चिराग राहुल गांधी से शादी करना चाहेगी तो, उनके जवाब सुनने वाला था!
वैसे तो राहुल गांधी की शादी की उम्र कब की निकल गई है! लेकिन, फिर भी राहुल किसी बांके नौजवान की तरह खुद को समझते हैं! राहुल की समझ, अक्ल और काबिलियत के बारे में तो अब कहे ही क्या! पप्पू इन्हें किसी कारण ही कहा जाता है! देश को चलाने की क्षमता तो इनमें है नहीं, ये  कई बार साबित भी कर चुके हैं! अपनी और अपनी पार्टी की बेईज्जती भी ये हर बार करा ही देते हैं! फिर भी अपनी बचकानी हरकतों से ये बाज़ नहीं आते!
सबसे पुराने राजनितिक परिवार से होने के नाते और गांधी विरासत के एक लौते मालिक होने के नाते, जब ये पता करने की कोशिश की गई कि, देश की लड़कियां राहुल गांधी से शादी करना पसंद करेगी! तो जो उनके जवाब मिले, वो चौंका देने वाले थे!
पप्पू जी ज़रा दिल थाम के देखियेगा:




देखिये लडकियां जब अकेले घर में होती हैं तो क्या करती हैं



लडकिया जब घर में अकेली होती हैं तो क्या करती हैं? यह ऐसा सवाल है जिसके बारे में हर लड़का अकेले में सोचता है और तरह तरह की धारणाए  बनाता हैं। कोई सोचता है की लडकिया अकेले में अश्लील हरकतें करती हैं तो कोई सोचता हैं की वह सिर्फ और सिर्फ ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती है।  कई लोग तो यह सोचते है की जब लडकिया घर पर अकेली होती हैं तो वह शॉपिंग की लिस्ट बनाती है।
लडकिया सचमुच अकेली क्या करती है यह बात जानने के लिए अगर आप भी बेताब हैं तो यह वीडियो आपके बेताबी को बहुत हद तक दूर कर सकता है।

लडकिया सचमुच अकेली क्या करती है यह बात जानने के लिए अगर आप भी बेताब हैं तो यह वीडियो आपके बेताबी को बहुत हद तक दूर कर सकता है



दस दिन के अन्दर पाकिस्तान में हो सकता है तख्ता पलट?



पाकिस्तान में सैन्य कब्ज़ा, वर्ष 1958 में पहली बार हुआ. उसके बाद, पाकिस्तानी जनरल अपनी और अपने चहेतों की मौज के लिए, बार बार सत्ता को हथियाते रहे. इस्लामिक कट्टरवाद से परिपूर्ण, फौजी हुकूमतें विकास पर ध्यान देने की बजाये, भारत पर फोकस करती रही. पाकिस्तान बार-२ युद्ध हारा, दुनिया भर में बदनाम हुआ, बेइज्जत हुआ.. लेकिन, सिलसिला आज भी चालू है.
अब लगा है की नवाज शरीफ की civilian गवर्नमेंट के दिन अब पूरे हो गये हैं. पाकिस्तान में छपी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार, अब केवल दस दिन में नए सेना अध्यक्ष की नियुक्ति पर मुहर लगाने वाली है.
लेकिन, मौजूदा पक्सितानी आर्मी चीफ, जनरल रहील शरीफ, अपनी पॉवर को छोड़ने के मूड में बिलकुल नहीं हैं. जनरल का कार्यकाल नवम्बर महीने में खत्म हो रहा है लेकिन, वो अपनी गद्दी इतनी जल्दी नहीं छोड़ना चाहते. आखिरकार, पाकिस्तानी जनरल नवाबों से भी ज्यादा आराम-परस्त जिंदगी के आदि हैं. इनके परिवार के अधिकतर लोग विदेशों में मौज से रहते हैं, इनके पास दुबई, अमेरिका इत्यादि में बंगले हैं, विदेशों में आपार काला धन है.
अब इस सम्भावना को टाला नहीं जा सकता की जनरल शरीफ, प्रधानमंत्री शरीफ को ठिकाने लगाने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं. जो जनरल मुशर्रफ ने नवाज शरीफ के साथ किया था, वही अब फिर से होने वाला है.
भारत के साथ युद्ध की जब-२ सम्भावना बनती है, या फिर जब-२ पाकिस्तान में भारत-विरोधी लहर (public sentiment) चलती है, तब-२ पाकिस्तानी आर्मी, वहां की चुनी हुई सरकार से अधिक शक्तिशाली हो जाती है.
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से, पाकिस्तानी आर्मी अपनी सरकार से काफी नाखुश है. पाकिस्तानी जनरल के हिसाब से, जहाँ पाकिस्तान को भारत की सर्जिकल स्ट्राइक का पूरजोर विरोध करना चाहिए था, वहां पाकिस्तान ने कायरता दिखाते हुए, सर्जिकल स्ट्राइक के होने की बात से मुहं मोड़ लिया.
वैसे भारत के लिए बेहतर यही है कि पाकिस्तान में एक civilian गवर्नमेंट रहे. क्योंकि ऐसी गवर्नमेंट अपने लोगों के लिए कुछ न कुछ काम करने के लिए वचनबद्ध होती है. लेकिन, एक इस्लामी फौजी सरकार का पूरा फोकस, भारत में आतंकवाद बढाने पर रहेगा.
अब जो भी हो, भारत हर प्रकार से पाकिस्तान को सँभालने में सक्षम है. हम इनसे कई गुना शक्तिशाली हैं. बस देखना ये है की हमें पाकिस्तान की चुनी हुई सरकार से डील करना है या फिर कुछ दिनों में, एक पागल इस्लामिक फौजी dictator से!

पाकिस्तानी जासूस और दो जैश-ए-मोहम्मद आतंकी गिरफ्तार



एक पाकिस्तानी जासूस, दो पाकिस्तानी सिम कार्ड और एक नक़्शे के साथ जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तार किया गया है। इस बात की पुष्टि अधिकारियों ने कर दी है.
जासूस का नाम बोध राज बताया जा रहा है।  बोध राज चंगिया गाँव, जम्मू जिले का निवासी बताया जा रहा है। उसकी जासूसी गतिविधियों में भागीदारी बताई जा रही है।
वह सुरक्षा बालों कि  तैनाती और सुरक्षा बलों और सेना के पाकिस्तान के खिलाफ आंदोलन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान भेजता था। सेना को जब यह खुफिया जानकारी प्राप्त हुई तो एक विशेष तलाशी अभियान रामगढ़ सेक्टर में शुरू किया। यह जानकारी सांबा के एसएसपी जोगिंदर सिंह ने दी है।
तलाशी अभियान के दौरान, जासूस अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के जेर्दा गांव के पास में संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता पाया गया; पुलिस पार्टी की मूवमेंट को देख उसने भागने की कोशिश भी की थी.
पुलिस ने उसका पीछा किया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से दो पाकिस्तानी सिम कार्ड, सुरक्षाबलों की तैनाती दिखाता एक नक्शा, दो मेड-इन-इंडिया मोबाइल फोन और 1711 रुपये के अलावा एक मेमोरी कार्ड बरामत हुआ है। उधर सुरक्षा बलों ने भी बारामूला इलाके से दो जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से एक एके -47 और एक पिस्तौल बरामद करी।

UN में पाकिस्तान: हम भारत के साथ युद्ध के लिए समर्थ नहीं हैं


संयुक्त राष्ट्र (UN) में पाकिस्तान की परमानेंट representative, एम्बेसडर तहमीना जंजुआ ने UN में अब ऐसी बात कही है जिससे पाकिस्तानी हुकूमत और पाकिस्तानी आर्मी की धमकियों की पोल खुल गई है. जहाँ एक ओर, वर्ष 1971 में हार का मुहं देख चुके जनरल (जो उस वक्त कैप्टेन, लेफ्टिनेंट इत्यादि थे), बार बार अपने से कई गुना शक्तिशाली देश भारत पर आक्रमण करने की बात करते हैं.. जहाँ पाकिस्तान के रक्षा विशेषज्ञ, सेकंड स्ट्राइक को समझे बिना, परमाणु बम की धमकी देते हैं.. वहीँ पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में जाकर कम से कम सच कह रहा है.
पाकिस्तानी एम्बेसडर ने कहा: दक्षिणी एशिया एक संवेदनशील इलाका है और यहाँ एक देश (भारत) अपनी मिलिट्री ताकत को और सभी से अधिक करने के लिए, बेइंतहा खर्चा कर रहा है.
तहमीना जंजुआ ये भी कहा कि पाकिस्तान भारत से न युद्ध चाहता है और न ही वह ऐसे युद्ध को afford करने की हालत में हैं.
आलम यह है की पाकिस्तान ने भारत के साथ हथियारों की दौड़ में शामिल होने से भी इनकार किया है. जबकि सच्चाई यह है की पाकिस्तान के पास कुछ भी खरीदने के लिए पैसे ही नहीं है.

कश्मीरी मस्जिद में लाउड स्पीकर पर चले भारत विरोधी नारे


क्रोधित सेना के जवानों ने मस्जिद को घेर लिया और अन्दर घुसकर लाउडस्पीकरों, खिड़की के शीशों को तोड़ डाला और सबको वहां से बाहर घसीटा।
कम से कम 40 लोग अपनी इस घटिया हरकत के लिए, सेना के गुस्से का शिकार हुए। भारतीय सेना जवानों इतने घुस्से में थे कि अपना आप खो बैठे और उन युवकों की जम के पिटाई की। बताया जा रहा है की उनमें से एक युवक, जो मौके पर लीडर बनने की कोशश कर रहा था, को फौजियों ने पीट पीट कर पिल-पिला कर दिया! वो तो गांव के कुछ बड़े बुज़ुर्ग बचाव के लिए बीच में आ गए, और उन्हें सेना के कहर से  बचा लिया।
घायलों को मनिगम के सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए ले जाया गया। लेकिन, सेना के कमांडिंग अधिकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए और डॉक्टर और पैरा टीम को घायलों का उपचार करने के लिए भी धमकाया।
इस कांड में शामिल पुरुष महिलायें भारतीय सेना की इस ताड़ना के ही लायक थे। जो भारत की धरती पर रहते हैं, इस देश का नमक खाते हैं और फिर मस्जिद को साधन के रूप में प्रयोग कर, देश विरोधी नारे बजवा कर अपने आप को नायक सिद्ध करने की कोशिश करते हैं! 
राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी कश्मीर की आज़ादी के लिए हिंसक विरोध प्रदर्शन किए गये, जिसमें की CRPF के जवान और कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
कश्मीर की आज़ादी मांगने वाले ये देश-विरोधी शायद भूल गए हैं कि, भारत के इन जवानों ने इनकी रक्षा के लिए अपनी जानें गवाई हैं और आज भी इनकी रक्षा करने के लिए रात-दिन लगे रहते हैं।

राज ठाकरे क्या सारे भारतीय के ठेकेदार हैं??


राज ठाकरे क्या सारे भारतीय के ठेकेदार हैं?? राज ठाकरे के संग 'डील' कर ली होगी करण जौहर ब्रिगेड से लेकिन हम अपनी राय रखते हैं!!

Wednesday, October 19, 2016

बड़ी ख़बर !! पाकिस्तान की राज्यसभा का डर नवाज़ के चक्कर में पाक को गुलाम बना लेगा चीन !!


पाकिस्तानियो को अब यह डर लगने लगा है कि आने वाले सालो में कही उसे चीन का गुलाम न बनना पड जाए । जिस प्रकार भारत में संसद के अपर हाउस को राज्यसभा कहा जाता है उसी प्रकार पाकिस्तान में भी अपर हाउस है और इसी के सांसदों ने यह चिंता जताई है कि यदि पाकिस्तानी हितो की रक्षा नही की गई तो आने वाले कुछ सालो में चीन CPEC  के जरिए पाकिस्तान को गुलाम बना लेगा । बता दें  कि CPEC पाक की दूसरी ईस्ट इंडिया कंपनी बन सकती है तभी इसको लेकर लगातार नवाज़ को चेतावनी दी जा रही है परन्तु उन पर इसका कोई असर नही दिख रहा है ।
पाकिस्तान की प्लानिंग एंड डेवलपमेंट पर बनी सेनेट स्टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन ताहिर मशादी का कहना है कि अगर पाकिस्तान के हितो की रक्षा न की गयी तो आने वाले समय में हम एक और ईस्ट इंडिया कंपनी देखेंगे | उनका कहना है कि हमे चीन और पाक की दोस्ती पर गर्व है लेकिन हम राष्ट्र हितो कुर्बान नही कर सकते । पाकिस्तानी सरकार सरकारी हितो और अधिकारों को नजरंदाज कर रही है जिसका भुगतान अंत में हर एक पाकिस्तानी नागरिक को ही करना पड़ेगा ।
जो माहोल चाइना पाकिस्तान इकनोमिक कॉरिडोर को लेकर चीन की नियत का पाकिस्तान में बना हुआ है बिलकुल इसी प्रकार कभी ईस्ट इंडिया कंपनी भी भारत में ट्रेड मिशन पर आई थी।उसके बाद आप जानते ही हैं कि ब्रिटेन ने भारत को अपना उपनिवेश बना लिया था और यहाँ राज करना शुरू कर दिया था |डर ये है कि  चीन भी इसी प्रकार पाकिस्तान पर उपनिवेश बनाना चाहता है | यदि ऐसा होता है तो पाक 21वीं सदी में गुलाम होने वाला पहला देश होगा |
पाक प्लानिंग कमीशन के सेक्रेटरी युसूफ नदिम ने कहा है कि CPEC  में चीनी के धन और संसाधन की बजाए स्थानीय वित्त पोषण का इस्तेमाल करके धोखा दिया जा रहा है | कमेटी  द्वारा इस बात पर चिंता जाहिर की गई है कि CPEC  के पॉवर प्रोजेक्ट के पॉवर टैरिफ को निर्धारित करने का अधिकार चीन का होगा पाकिस्तान इसमें कोई दख़लंदाज़ी नहीं कर पाएगा  ।
आपको बता दे की इससे पहले बलूचिस्तान के लोगो द्वारा भी CPEC का ज़बरदस्त विरोध किया जा चुका है । लोगो का कहना है कि चीन द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का बेहद क्रूरता से दोहन किया जा रहा है लेकिन पैसे के लालच में नवाज़ शरीफ़ को ये सारी बाते समझ में नही आ रही है ।

बौखलाया पाकिस्तान अब चीन से लडेगा जंग…कहा…”दोस्ती टूटती है तो टूट जाए” !


पाकिस्तान को अब चीन की दोस्ती भी खटकने लगी है बता दे कि पाक अब चीन की हरकतों को ईस्ट इंडिया कंपनी से जोड़ने लगा है |
चीन लगातार पाकिस्तान पर कब्ज़ा करता जा रहा है और पाकिस्तान लगातार “पाक चाइना इकनोमिक कॉरिडोर” पर चीन की तारीफ में जुटा हुआ है परन्तु अब कुछ पाकिस्तान के सांसदों द्वारा भी इसका विरोध किया जाने लगा है | चीन लगातार CPEC के जरिए पाकिस्तान पर कब्ज़ा करने और उसके संसाधनों का फायदा उठाने में लगा हुआ है लेकिन नवाज़ शरीफ़ को अपने फायदे के आगे कुछ समझ में नही आ रहा है| अब तो पाकिस्तानी सांसदों द्वारा भी उन्हें कोसा जाने लगा है |
पाक चाइना इकनोमिक कॉरिडोर को लेकर अब पाक सांसद भी गुस्से में हैं उन्होंने तो नवाज़ सरकार तो चेतावनी तक दे डाली कि अगर इस मुद्दे पर ध्यान नही दिया गया तो CPEC ईस्ट इंडिया कंपनी बन जाएगा  पाकिस्तानी अख़बार डॉन के मुताबिक प्लानिंग और डेवलपमेंट पर सीनेट की बैठक में चेयरमैन ताहीर ने नाराजगी जताई है | बता दे कि ताहीर पाक सरकार में सांसद भी हैं | उनका कहना है कि सरकार का राष्ट्र हितो पर बिलकुल भी ध्यान नही है |
सांसद का यह भी कहना था कि उन्हें चीन और पाकिस्तान की दोस्ती पर नाज़ है लेकिन वो पाक के लोगो के अधिकारों का दमन नही करना चाहते | आपको बता दे की ईस्ट इंडिया कंपनी ब्रिटेन के बिज़नस का नाम था और यह चार सदी पहले भारत आया और अपना राज भारत में स्थापित किया था |

इससे साबित होता है कि CPEC पर अब पाकिस्तान में भी आवाजे उठने लगी है | पाक सांसदों को कहना है कि वह किसी भी हालात में पाक जनता के अधिकारों  का दमन नही करना चाहते | उनके एक संसद ने तो यह तक कह दिया कि चीन अपने फायदे के लिए पाक को कुचलना चाहता है और नवाज सिर्फ अपना फायदा देख रहे है इसीलिए खामोश बैठे है परन्तु अब जब पाक में विरोध की आवाजे बुलंद होने लगी हैं तब यह देखना दिलचस्प होगा कि चीन अब क्या कदम उठाता है | फिलहाल तो पाक में अंदरूनी जंग के  हालात पैदा हो गये हैं ।

जानिए क्यों सऊदी अरब के प्रिंस का हुआ सरेआम ‘सर कलम’


सऊदी अरब में कत्ल, नशीले पदार्थों की कालाबाज़ारी और ईश निंदा के दोषियों को मौत की सजा दी जाती है! सऊदी अरब में अगर कोई वहां के कानून का उल्लंघन करता है तो उसे सज़ा-ए-मौत ही नहीं बल्कि सरेआम उसका सर कलम किया जाता है! और ये कानून सबके लिए एक समान है!
अपराधियों को पहले से निर्धारित सार्वजनिक जगह पर लाकर, तलवार से उनका सिर कलम कर दिया जाता है। सऊदी के राजकुमार तुर्की बिन सऊद का भी सिर कलम किया गया।
सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने राजकुमार प्रिंस तुर्की बिन सऊद का सिर कलम किये जाने के बाद कहा कि दुनिया को समझ लेना चाहिए यहां का न्याय सभी के लिए एक जैसा है। फिर चाहे वो कोई आम नागरिक हो या फिर शाही खानदान से ताल्लुक रखता हो! अगर किसी ने अपराध किया है, तो उसे उसके अपराध की सजा जरूर मिलेगी और बराबर मिलेगी।
बाते दें कि सऊदी अरब में इस राजकुमार को सजा-ए-मौत के साथ ही सिर कलम किये जाने की यह इस वर्ष की 134वीं घटना है।

Wednesday, October 12, 2016

आपका ऑफ़लाइन होना इतनी बड़ी बात क्यों है?



आज पूरी दुनिया ऑनलाइन है. ऐसे में अगर, किसी के ट्वीट पर कुछ घंटों तक जवाब न मिले. किसी के फ़ेसबुक स्टेटस अपडेट को कुछ घंटों तक कोई लाइक न करे, तो दिल की धड़कन बढ़ जाती है.
ऐसे में लोगों के मन में तरह-तरह के ख़याल आने लगते हैं और लगता है कि जैसे पूरी दुनिया आपकी अनदेखी कर रही है.
अमरीका में एक कंपनी है ‘यू टर्न’ ये ऑनलाइन कंपनी छात्रों को इंटर्नशिप के मौक़े मुहैया कराने में मदद करती है. एक बार किसी ने रात सवा नौ बजे ट्वीट करके मदद मांगी.
जब घंटों तक कंपनी की तरफ़ से किसी ने कोई जवाब नहीं दिया तो इसके सीईओ मार्क बैबिट ने अपने कर्मचारियों को चेतावनी भरा मेल लिखा. ऐसा करना ठीक नहीं है. हम अपने काम से समझौता कर रहे हैं.
हालांकि बैबिट को बाद में ये भी समझ में आया कि उसके कर्मचारी हर वक़्त तो ऑनलाइन हो नहीं सकते. छुट्टी के वक़्त उनका ट्विटर पर सक्रिय रहना संभव नहीं.
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इसलिए बैबिट ने एक तरीक़ा निकाला जिसमें एक कर्मचारी ऐसे देर रात या सुबह किए जाने वाले सवालों के जवाब दे.
ये आज की कारोबारी दुनिया का सच है. इंटरनेट पर दुनिया चौबीसों घंटे जागती है. कारोबार हर वक़्त चलता रहता है. तो आज तमाम कंपनियां चाहती हैं कि उनके कर्मचारी जब दफ़्तर से निकलें तो भी ऑनलाइन उपलब्ध रहें. ज़रूरत पड़ने पर कंपनी का काम करें.
टीम मैनेजर्स के लिए ये ज़रूरत ख़ास तौर से चुनौती बन गई है. जब, उन्हें अपने कर्मचारियों से काम के घंटों के अलावा भी काम कराना होता है.
उनकी निजी ज़िंदगी का सम्मान करते हुए भी उनसे उम्मीद होती है कि वो घर पर रहें तो भी मेल के जवाब दें.
अमरीका के सैन फ्रैंसिस्को शहर की कंपनी ज़ुओरा के प्रमुख टिएन ज़ुओ कहते हैं कि ये इक्कीसवीं सदी के कर्मचारियों के बर्ताव की देन है. इस दौर के युवाओं ने घर और दफ़्तर के काम में फ़र्क करना छोड़ दिया है.
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ज़ुओ कहते हैं, युवा सोशल नेटवर्किंग के ज़रिए कंपनी का भी काम करते हैं और अपने दोस्तों से भी बतियाते रहते हैं. कंपनी के मेल बॉक्स पर ही उनके निजी ई-मेल भी आते हैं, जिसका वो दफ़्तर में बैठे हुए ही जवाब दे देते हैं. इसीलिए घर से ऑफ़िस का मेल लिखने में उन्हें कोई दिक़्क़त नहीं होती.
टिएन ज़ुओ के हिसाब से ये कोई ग़लत बात भी नहीं. वो इसके लिए फ्रेंच विचार वॉल्टेयर का मशहूर बयान याद दिलाते हैं. ‘काम हमें बोरियत, ज़रूरत और बुरी आदतों से बचाता है’.
जुओ उम्मीद करते हैं कि उनके कर्मचारी मेल या मैसेंजर के ज़रिए हर वक़्त उपलब्ध रहें. अक्सर होता भी यही है. कई बार जब वो रात दस बसे कंपनी की मैसेंजर सर्विस को चेक करते हैं तो पाते हैं कि उनके कई मातहत उस वक़्त वहां एक्टिव हैं.
बहुत से लोग ये कहते हैं कि काम और निजी ज़िंदगी के बीच अच्छा तालमेल ज़रूरी है. इससे आपका काम बेहतर होता है.
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लेकिन आज बहुत सी कंपनियों के लिए ऐसा तालमेल बिठाना बहुत बड़ी लग्ज़री है. जिसका बोझ वो नहीं उठा सकते. कुछ कारोबार ऐसे हैं जहां चौबीसों घंटे एलर्ट रहना ज़रूरी है.
ज़ुओ इसके बदले में कर्मचारियों को काम के बीच से घूम आने या अपना काम निपटाने की आज़ादी देने की वक़ालत करते हैं.
ख़ुद ज़ुओ ने दफ़्तर से निकलकर अपनी बेटी को डॉक्टर को दिखाया था. अगर आप कर्मचारियों से उम्मीद करते हैं कि वो हर वक़्त ऑनलाइन रहें, तो, आपको भी उन्हें थोड़ी आज़ादी तो देनी होगी.
हर वक़्त ऑनलाइन रहने में ख़तरा ये है कि जल्द ही लोग थकान और दूसरी परेशानियों के शिकार हो सकते हैं.
इसके लिए अमरीका की एक कंपनी के मैनेजर जो क्रॉस एक सलाह देते हैं. वो कहते हैं कि कर्मचारियों को कंपनी के मिशन का हिस्सा महसूस कराया जाए, तो, वो हर वक़्त ऑनलाइन रहने की डिमांड पर ऐतराज़ नहीं करेंगे. उन्हें बस ये महसूस हो चाहिए कि वो कंपनी के लिए अहम हैं.
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हालांकि जो क्रॉस इसमें भी एक पाबंदी रखने की वक़ालत करते हैं. जब हर शख़्स को निजी ज़िंदगी जीने की आज़ादी दी जानी चाहिए.
वैसे बहुत से युवा ऐसे हैं जिन्हें ऑफलाइन होना पसंद नहीं. हालांकि वो हर वक़्त कंपनी का काम नहीं करना चाहते. लेकिन बीच-बीच में कंपनी के मेल देखते रहते हैं.
ऐसे लोगों को इस डर से आज़ादी दिलानी चाहिए कि वो चाहें तो कुछ वक़्त के लिए काम से दूर रह सकते हैं. इसमें कोई बुराई नहीं. आख़िर काम और निजी ज़िंदगी के बीच तालमेल बनाना भी तो ज़रूरी है.

Monday, October 10, 2016

अमेरिकी नेवी के विध्वंसकपोत की ओर यमन से दागी गईं मिसाइल; लेकिन लगी नहीं, चूकीं - अधिकारी

अमेरिकी नेवी के विध्वंसकपोत की ओर यमन से दागी गईं मिसाइल; लेकिन लगी नहीं, चूकीं - अधिकारी



वॉशिंगटन: यमन के जिस इलाके में विद्रोह फैला हुआ है, वहां से दो मिसाइलें दागी गईं जो रेड सी में गुजरते हुए अमेरिकी विध्वंसकपोत के करीब गिरीं. अमेरिकी नेवी ने यह जानकारी दी. नेवी के मुताबिक, यूएसएस मेसन ने 60 मिनट के अंतराल पर यमन के तट पर लाल सागर में दो मिसाइलों की पहचान की.

इसी दौरान मक्का के निकट सऊदी एयर बेस को निशाना बनाते हुए यमन से एक बैलेस्टिक मिसाइल भी दागी गई. एक बयान जारी कर नेवी ने कहा कि कोई भी अमेरिकी नाविक हताहत नहीं हुआ है और न ही यूएसएस मैसन को कोई नुकसान पहुंचा है. यूएस नेवी फोर्सेस सेंट्रल कमांड के स्पोक्सपर्सन लेफ्टिनेंट इयान मैकनगे ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि मिसाइलें मैसन को निशाना बनाकर दागी गई थीं या नहीं, हालांकि वे इसी दिशा में दागी गई थीं.


अल मसीराह नामक सैटेलाइट न्यूज चैनल जिसे यमन की शिया विद्रोही चलाते हैं  जिन्हें होथिस के नाम से जाना जाता है, ने इन मिसाइलों की सोवियत के दौर की स्कड मिसाइल का स्थानीय वेरियंट के तौर पर पहचान की है. इसने कहा कि वोल्कैनो 1 मिसाइल ने एयर बेस पर निशाना साधा. मार्च 2015 के बाद से यमन में चल रहे संघर्ष के बीच होथिस ने कई बैलिस्टिक मिसाइल सऊदी अरब में दागी हैं.